सफेद दाग को दूर करने के घरेलू उपचार ,Safed Daag ko dur krne ke Upay

सफेद दाग को दूर करने के घरेलू उपचार

Safed Daag ko dur krne ke Upay


त्वचा पर सफेद दाग का होना उतनी बड़ी और गंभीर बीमारी नहीं, जितना लोग इसे लेते हैं। समय रहते इसका इलाज करवा लिया जाए तो प्रॉब्लम को आसानी से दूर किया जा सकता है। सफेद दाग को ल्यूकोडर्मा कहा जाता है। इसके लिए ज्यादातर लोग दवाओं का सहारा लेते हैं, जिससे ठीक होने में काफी वक्त लगता है। हालांकि, घर में मौजूद कुछ चीजों से ही इसका इलाज संभव है डॉक्टर्स इसके लिए अलग-अलग कारणों को जिम्मेदार बताते हैं, जिनमें मेलेनिन बनाने वाली कोशि‍काओं पर प्रतिरोधकता का प्रभाव, अनुवांशि‍कता, पराबैंगनी किरणों का प्रभाव, अत्यधि‍क तनाव, विटामिन बी 12 की कमी,त्वचा पर किसी प्रकार का संक्रमण होना आदि।यह एक ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर है। ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) उलटा असर यानी शरीर को ही नुकसान पहुंचाने लगती है। -सफेद दाग के मामले में खराब इम्यूनिटी की वजह से शरीर में स्किन का रंग बनाने वाली कोशिकाएं मेलानोसाइट(melanocyte)मरने लगती हैं। इससे शरीर में जगह-जगह उजले धब्बे बन जाते हैं। -सफेद दाग को वीटिलिगो, ल्यूकोडर्मा, फुलेरी और श्वेत पात नाम से भी जाना जाता है।यह की तरह के होते है जैसे लिप-टिप: होठों और हाथों के ऊपर -फोकल: शरीर में एक-दो जगह पर छोटे-छोटे सफेद दाग -सेग्मेंटल: एक पूरे हिस्से में, मिसाल के लिए पूरे हाथ या पांव में सफेद दाग होना|इससे जब स्किन का रंग हल्का पड़ना शुरू हो जाए और उस हिस्से के बाल भी सफेद होना शुरू हो जाएं तो समझिए कि यह सफेद दाग है। -अगर एक जगह पहले से ही सफेद दाग बन गया हो और उसके बाद कहीं चोट, खरोंच या ठोकर लगती है और वह जगह भी सफेद होने लगे तो मान लेना चाहिए कि सफेद दाग शरीर में तेजी से फैल रहा है। -इन सफेद दागों के ऊपर कोई खुजली, दर्द और स्राव (सेक्रिशन) नहीं होता और संवेदनशीलता भी सामान्य रहती है। हालांकि पसीने और ज्यादा गर्मी से जलन पैदा हो सकती है। -अगर सफेद दाग बनें, पर उस एरिया की स्किन के बाल काले रहें तो उस स्टेज में इलाज की गुंजाइश ज्यादा और जल्दी होती है।

Safed Daag ko dur krne ke Upay:-

ऐलोवेरा जेल :- ऐलोवेरा की पत्तियों के अंदर के जेल को निकालकर सफेद दाग वाले हिस्से पर लगाएं और अच्छे से मसाज करें। सूखने पर इसे पानी की सहायता से धो लें। दिन में 2-3 बार इसका इस्तेमाल करें। ऐलोवेरा जूस पीना भी फायदेमंद होता है।
तांबा :- तांबा तत्व, त्वचा में मेलेनिन के निर्माण के लिए बेहद आवश्यक है। इसके लिए तांबे के बर्तन में रातभर पानी भरकर रखें और सुबह खाली पेट पिएं। बरसों पुराना यह तरीका मेलेनिन निर्माण में सहायक है। 
लाल मिट्टी :-  लाल मिट्टी में प्रचुर मात्रा में तांबा पाया जाता है, जो मेलेनिन के निर्माण और त्वचा के रंग का पुन: निर्माण करने में मददगार है। इसे अदरक के रस के साथ मिलाकर भी प्रभावित स्थान पर लगाना फायदेमंद होगा। नदियों के किनारे पाई जाने वाली लाल मिट्टी इस बीमारी का काफी अच्छा इलाज होती है। यह कॉपर (copper) से भरपूर होती है, जो त्वचा की रंजकता (pigmentation) को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। इस मिट्टी को अदरक के रस के साथ मिश्रित करें और चेहरे के सफ़ेद धब्बों पर दिन में एक बार लगाएं। अदरक का रस प्रभावित भाग पर रक्त के संचार में वृद्धि करता है।
नीम की पत्ती :- नीम एक बेहतरीन रक्तशोधक और संक्रमण विरोधी तत्वों से भरपूर औषधि‍ है। नीम के पत्त‍ियों को छाछ के साथ पीसकर इसका लेप बनाकर त्वचा पर लगाएं। जब यह पूरी तरह सूख जाए तो इसे धो लें। इसके अलावा आप नीम के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं और नीम के जूस का सेवन भी कर सकते हैं नीम की पत्ती कई सारी बीमारियों का घरेलू उपचार है। इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाकर उसे दाग वाले हिस्से पर लगाएं। नीम की पत्तियों के जूस में शहद मिलाकर पीना भी लाभकारी होगा। जल्द असर के लिए ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। ये ब्लड प्यूरीफाई का काम करता है।

हल्दी :- हल्दी को सरसों के तेल के साथ मिलाने से बना हुआ मिश्रण विटिलिगो की समस्या को ठीक करने में काफी कारगर साबित होता है। 500 ग्राम हल्दी लें और इसे रातभर 8 लीटर पानी में भिगोकर रखें। इस मिश्रण को सुबह तब तक उबालें, जब तक कि यह असल मात्रा का 1/8 ना हो जाए। इस मिश्रण को छान लें और इसे 500 ग्राम सरसों के तेल के साथ मिश्रित करें। इसके बाद इस मिश्रण को तब तक गर्म करें, जब तक कि सिर्फ तेल ही रह जाए। विटिलिगो को ठीक करने के लिए इस तेल का प्रयोग अपने सफ़ेद धब्बों पर सुबह और शाम लगाएं।सरसों के तेल के साथ हल्दी पाउडर का लेप बनाकर लगाना फायदेमंद है।

सेब का सिरका :- सेब के सिरके को पानी के साथ मिक्स करके प्रभावित त्वचा पर लगाएं। 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीना भी फायदेमंद होगा। 

नारियल तेल :यह त्वचा को पुन: वर्णकता प्रदान करने में सहायक है साथ ही त्वचा के लि‍ए बेहतर। इसमें जीवाणुरोधी और संक्रमण विरोधी गुण भी पाए जाते हैं। प्रभावित त्वचा पर दिन में 2से 3बार नारियल तेल से मसाज करना फायदेमंद साबित हो सकता है। 

तुलसी के पत्ते और नीम्बू का रस :- तुलसी के पत्तों में एंटीवायरल और एंटी एजिंग (anti-viral and anti-aging) गुण होते हैं, जो त्वचा की समस्याओं का काफी प्रभावी रूप से इलाज करते हैं। तुलसी के पत्तों और नीम्बू के रस का मिश्रण मेलाटोनिन (melanin) के उत्पादन में वृद्धि करता है और विटिलिगो का काफी प्रभावी उपचार है। विटिलिगो के इस रस का प्रयोग दिन में 3 बार करें और 6 महीने तक इसका लगातार प्रयोग करने के बाद आया फर्क देखें।

अल्फाल्फा (रिजका)

यह मटर परिवार फबासिए का फूल देने वाला एक पौधा है जिसकी खेती एक महत्वपूर्ण चारे के फसल के रूप में की जाती है। रिजका सौ ग्राम और सौ ग्राम ककडी का रस मिलाकर पियें दाद ठीक होगा।

लहसुन

लहसुन का सेवन नियमित करें । लहसुन के रस में हरड घिसकर लेप करें दाग मिट जाएगा।

क्या  ना खाएं

मिठाई, रबडी, दूध व दही का एक साथ सेवन न करें।

 ना करें गरिष्ठर भोजन

बहुत ज्यादा गरिष्ठ भोजन न करें जैसे उडद की दाल, मांस व मछली।

विषैले तत्वै को बाहर निकालें :-

शरीर का विषैला तत्व बाहर निकलने से न रोकें जैसे- मल, मूत्र, पसीना आदि।

 

   

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