गाजर के फायदे Carrot benefits

      गाजर के फायदे  Carrot benefits


Carrot benefits


गाजर सारे भारत में पैदा होती है यह खाद्य तथा औषधीय गुणों की दृष्टि से बहुत उपयोगी है| कच्ची खाने से लेकर सागसब्जी, अचार, मुरब्बा, हलवा, औषधि आदि बहुत से रूपों में गाजर का उपयोग होता है| गाजर का रस शरीर की ताकत व आत्मबल को बढ़ाता है। गाजर ह्रदय की धमनियों को ठीक रखती है| वह बीमारियाँ जिनमें मीठा लेना मना होता है, जैसे मधुमेह आदि को छोड़कर प्राय: प्रत्येक रोग में गाजर का इस्तमाल किया जा सकता है। फलसब्जियों में मिलने वाले मिनरल, विटामिन्स तथा खनिज इनको कुदरती रूप में ही खाने से हमारे शरीर में आसानी से पहुँच पाते हैं। उबालकर, छीलकर या तेल में तलकर इनके काफी गुण नष्ट हो जाते है ,इसलिए कोशिश करें की फलसब्जियों को कच्चा छिलके सहित ही खाएं | शरीर के अंगों का निर्माण खाद्य पदार्थों से प्राप्त होने वाले खनिजो और लवणों से होता है। हमारे शरीर की सफाई शरीर से निकलने वाले पसीने, मल, कफ से होती है।शरीर में खनिज नहीं पहुँचने से शरीर की सफाई पूरी तरह से नहीं होती है | सब्जियाँ जैसे गाजर, मूली, टमाटर ,नींबू( lemon) से प्राप्त मिनरल रोगनिवारक और शारीरिक सुन्दरता बढ़ाने वाले होते है। (Alkaline) क्षारीय होने से गाजर रक्त साफ करती है। गाजर के गुण दूध तथा Cod liver oil और लाल पाम के तेल के गुणों के समान होते हैं। जो लोग Cod liver oil लेना नहीं चाहते हों, वे गाजर से समान लाभ ले सकते हैं। गाजर और सेब के गुण भी मिलतेजुलते हैं।गाजर में विटामिन, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट्स, थियामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, गंधक आदि तत्त्व पाए जाते हैं| इसके अलावा इसमें कैरोटीन नामक तत्त्व भी होता है जो स्वास्थ्य वृद्धि के लिए बहुत उपयोगी है| गाजर रक्त शोधक, बल, वीर्य, ओज और जीवनीशक्ति प्रदान करने वाली अनुपम सब्जी है| यह आंख, कण्ठ, श्वास नलिका एवं संक्रामक रोगों को दूर करने वाली तथा स्नायुमंडल को सुदृढ़ बनाने वाली है| गाजर के दो वर्ग होते है – एशियाई और यूरोपियन। गाजर का रंग गुलाबी और बैंगनी होता है। बैंगनी गाजर को जिस समय छीला जाता है, उस समय उसका रंग हाथों पर उतर आता है। बैंगनी रंग की गाजर को ही भारतीय माना जाता है। यह गाजर आकार में छोटी व बड़ी दोनों ही प्रकार की होती है। पीले और गुलाबी रंग की गाजर की क़िस्में विदेशी होती हैं। विदेशी गाजरों का आकार छोटा होता है।

गाजर के  गुण :- बाज़ार में मिलने वाली अन्य सब्ज़ियों की तुलना में गाजर मनुष्य के लिए सबसे अधिक आवश्यक है। ऐसे हज़ारों कारण हैं जिसकी वजह से आपको हफ्ते में कम से कम दो बार गाजर खाने चाहिए। इसमें मौजूद बीटा कैरोटीन कंपाउंड (beta-carotene compound) की वजह से आपका स्वास्थ्य अच्छा रहता है, आप बीमारियों से दूर रहते हैं तथा अन्य कई तरह की बीमारियां भी आपके आसपास नहीं फटकेंगी। अतः नीचे मर्दों के लिए गाजर के बेहतरीन स्वास्थ्य सम्बन्धी गुण बताये जा रहे हैं।

कब्ज :-गाजर का रस एक कप, एक नीबू का रस और दो चम्मच शुद्ध शहद – सबको मिलाकर सुबह के समय पीने से कब्ज दूर होता है|

पीलिया :- गाजर का रस, पालक का रस और संतरे का रस – तीनों 100-100 ग्राम लेकर मिला लें| अब इसे दिनभर में तीन-चार बार पिएं| लगभग 8 दिनों तक नियमित रूप से सेवन करने पर पीलिया का रोग चला जाता है|
नेत्र ज्योति कम होना :- विटामिन की कमी से नेत्रज्योति कमजोर होते-होते व्यक्ति अंधा भी हो सकता है। गाजर विटामिन का भण्डार है। लम्बे समय तक गाजर और पालक का एक गिलास रस पीते रहने से चश्मा भी हट सकता है।
हृदय रोग में फायदेमंद – हृदय रोगियों के लिए गाजर बहुत ही फायदेमंद है. हार्ट अटैक के रोगियों को गाजर एवं पालक का जूस मिलकर पीना चाहिए. इससे उनके हृदय की गति नियमित हो जाती है. गाजर का मुरब्बा खाने से भी यह रोग दूर होता है. एक गिलास गाजर के रस में एक नीबू निचोड़ कर पीने से भी लाभ होता है. इसे पीने से हृदय को बल एवं शीतलता प्राप्त होती है. सीने में दर्द की शिकायत हो तो एक गिलास गाजर के रस में स्वादानुसार शहद मिला कर पीने से दर्द होना बंद हो जाता है
महिला रोगों में फायदेमंद – महिला रोगों को दूर करने में इसकी अहम् भूमिका हो सकती है. यदि मासिक धर्म में दर्द होता हो, या वह बंद हो गया हो, या गर्भाशय में कोई दोष आ गये हों, या श्वेत प्रदर से महिला पीड़ित हो, तो तीन चम्मच गाजर के बीजों को कूट कर उसे गुण एवं नमक के घोल में उबाल लें, जब आधा पानी रह जाए, तो उसे सुबह-शाम पीयें. इससे उपरियुक्त सभी रोगों में फायदा होगा. यदि महिला का गर्भपात हो जाता हो, तो एक गिलास गाजर का जूस और एक गिलास दूध को मिलाकर उबाल लें. जब आधा मिश्रण बच जाए, तो उसे सुबह-शाम पीते रहें. इससे गर्भपात की समस्या से निज़ात मिलेगी. किन्तु इसके लिए कुछ परहेज की भी जरूरत है. उस महिला को चटपटी चीजें, चाट, पकौड़ी खाने से बचना चाहिए. यदि महिला को अपने बच्चे को पिलाने के लिए पर्याप्त दूध नहीं हो रहा हो, तो उसे जीरा मिला कर सुबह-शाम एक गिलास गाजर का जूस पीना चाहिए. इससे पर्याप्त मात्रा में दूध बनने लगेगा. जिन महिलाओं को हिस्टीरिया की बीमारी हो, उसे एक गिलास गाजर के जूस में आधा नीबू निचोड़ कर देना चाहिए, इससे उसका यह रोग दूर हो जाता है

मस्तिष्ककी कमजोरी

गाजर में संतुलित आहार के सभी गुण मौजूद होते हैं. यदि इसके रस का नियमित उपयोग किया जाये तो किन्ही कारणों से आई कमजोरी दूर की जा सकती है प्रतिदिन सुबह बिना कुछ खाए-पिए 100 ग्राम गाजर के रस में जरा-सा सेंधा नमक डालकर पीने से मस्तिष्क और हृदय दोनों को बल मिलता है
दस्त :- गाजर के एक कप ताजे से रस में थोड़ा-सा भुना जीरा और थोड़ी-सी पिसी हुई सोंठ मिलाकर पीने से पतले दस्त बन्द हो जाते हैं|
गाजर के और आंवला के रस में काला नमक मिलाकर प्रतिदिन पियें। इससे पेशाब की जलन और अन्य बीमारियों से छुटकारा मिलेगा।
गाजर के हरे पत्तों से सब्जी बनती है। गाजर की सब्जी बनाते समय पानी नहीं फेंके क्योकि उसमे काफी पोषक तत्व होते है।
गाजर कद्दूकस करके दूध में उबालकर प्रतिदिन लें। यह बहुत पौष्टिक आहार होता है 
गाजर के रस में शहद मिलाकर पीने से शक्ति बढ़ती है, शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली यानि (immune system) मजबूत होता हैगाजर के रस में मिश्री व काली मिर्च मिलाकर पीने से खाँसी ठीक हो जाती है तथा ठंड से उत्पन्न कफ भी दूर होता है
गाजर में दूध के समान गुण हैं। गाजर का रस दूध से भी उत्तम है। दूध नहीं मिलने पर गाजर सेवन करके दूध के सारे गुण प्राप्त किये जा सकते हैं।
बच्चों के दांत निकलने के समय गाजर के रस को पिलाते रहने से दांत आसानी से निकल जाते हैं तथा दूध भी उचित रूप से हजम होने लगता है। बच्चा जब चलने के लायक हो जाए तो उसे गाजर और संतरे का रस मिलाकर देने से वह ताकतवर बनकर शीघ्रता से चलने लगता है। गाजर के रस का पान हमेशा दोपहर में ही करना अत्यधिक लाभप्रद होता है। हमेशा ताजा गाजरों का ही रसपान करना चाहिए। रसपान के तुरन्त बाद या पहले भोजन नहीं करना चाहिए।

 

 

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