कैंसर से बचने के उपाय (Measures to avoid cancer)

 कैंसर से बचने के उपाय(Measures to avoid cancer)


कैंसर का नाम सुनते ही मन में एक डर सा पैदा हो जाता था। वजह, इस बीमारी का बहुत ही घातक होना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 33% महिलाओ और 25% पुरुषो को उनके जीवनकाल में कैंसर होने की सम्भावना होती है। कैंसर जैसा घातक रोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हमारे देश में शराब व धूम्रपान की लत की वजह से लोग कैंसर जैसी महामारी के चपेट में बड़ी तेजी से फंसते जा रहे है। कैंसर के विषय में यह कहना मुश्किल है कि यह किस कारण से होता है। यह एक ऐसा भयानक रोग है जिसकी चिकित्सा लगभग असाध्य है। दवाओं से इस रोग पर कुछ हद तक काबू पाया जा सकता है, किंतु ज्यादातर मामलों में इसे जड़ से खत्म करना बड़ा मुश्किल होता है। कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में शरीर के किसी अंग में साधारण सी गांठ बन जाती है, जिसके बारे में आभास तक नहीं हो पाता। इस रोग की परीक्षा आधुनिक यंत्रों तथा रासायनिक परीक्षण दुवारा कि जाती हैं | यह बच्चों से लेकर वृद्धों तक किसी को भी हो सकता ह। कैंसर की समय से पहचान और इलाज होने पर इसको पूर्ण रूप से ठीक करना संभव है। और ठीक होने के बाद कोई भी व्यक्ति सामान्य रुप से जिंदगी को जी सकता है। भारत में पुरुषो में फेफड़ो,आवाज की नली ,गले, जीभ ,मुह, खाने की नली ,पित्ताशय,पौरुष-ग्रंथि(प्रोटेस्ट), इत्यादि कैंसर होने की सम्भावना अधिकतर होती है जबकि महिलाओं में स्तन,गर्भाशय, ग्रीवा, मसाना, अंडाशय, थाइरॉइड, फेफड़े, गले,जीभ, पित्ताशय, व मस्तिष्क के कैंसर की सम्भावना अधिक होती है।

कैंसर के प्रकार :- 

Sarcoma Cancer – ये खून और हड्डियो से संबंधित कैंसर होता है.
Carcinoma Cancer – यह स्किन से संबंधित कैंसर होता है,
Lymphoma cancer – ग्रंथियो मे होने वाला कैंसर कहा जाता है.
Leukemia Cancer –  खून को बनाने वाले सेल्स का कैंसर होता है
खैनि, गुटखा, तंबाखू, पान मशाला, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि से,
मोटापा, हेपटाइटिस ब और एचाइवी के वाइरस की वजह से
मासिक धर्म के बाद अंडरआर्म या फिर ब्रैस्ट में गांठ दिखाई पड़ना।
कैंसर के लक्षण :- कैंसर में शरीर में रक्ताणुओं की कमी हो जाती है। कोई भी गांठ देर तक ठीक नहीं होती। कमजोरी व बेचैनी बढ़ जाती है। यह रोग गला, जीभ, स्तन, गर्भाशय, जबडे, तालू, होंठ, गाल, रक्त, अन्ननलिका, अंडकोश, स्त्री जननेंद्रिय, मस्तिष्क आदि शरीर के किसी भी अंग में हो सकता है।
पेशाब में आनेवाले ख़ून
मुंह के अंदर छालों का होना
सफ़ेद, लाल या भूरे धब्बो का पाया जाना
ख़ून की कमी की बिमारी अनीमिया
स्तन या शरीर के किसी हिस्से में गाँठ
कभी न ठीक/न भरने वाला घाव/नासूर आदि का होना।
लगातार होने वाली खासी व आवाज का बैठ जाना ।
मीनोपॉस के बाद ख़ून आना
खैनि, गुटखा, तंबाखू, पान मशाला, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि से,
                               कैंसर से बचने के उपाय 
अंगूर : कैंसर के रोगियों के लिए अंगूर बेहद उपयोगी व अमृत समान फल है। अंगूर से उपचार करने से पूर्व कैंसर के रोगी को तीन दिनों तक उपवास कराएं इसके पश्चात ही उसे अंगूर खिलाना प्रारंभ करें। एक दिन में दो किलो से अधिक अंगूर नहीं खिलाएं। कुछ दिनों पश्चात पीने को छाछ दें। इसके अलावा कोई अन्य चीज खाने को न दें। इस उपचार से धीरे-धीरे अंगूर का रस लेने से पेटदर्द या जलन हो सकती है। किंतु चिंता न करें, यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। ये एंथोसायनिन और पुलीफेनल्स की मदद से शरीर में कैंसर के कणों का उत्पादन कम करने में अहम रोल अदा करते हैं |
गाजर, आम और कद्दू,:- गाजर का रस पीते रहने से कैंसर में लाभ होता है। विशेषकर ब्लड कैंसर व पेट के कैंसर में यह ज्यादा लाभदायक है। 310 ग्राम गाजर के रस में 125 ग्राम पालक का रस मिलाकर प्रतिदिन नियमित रूप से पीने पर आशातीत लाभ होता है। अल्फा और बीटा नामक कैरोटीन्स कैंसर को ख़त्म करने वाले शक्तिशाली कारक के रूप में जाने जाते हैं. ये तीनों फल गर्भाशय, मूत्राशय, पेट और स्तन कैंसर सहित कई प्रकार के कैंसर की रोकथाम में असरदार हैं.
 पपीता, कीनू और संतरे : संतरे में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, लोहा और पोटेशियम काफी होता है। संतरे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विद्यमान फ़्रक्टोज़, डेक्स्ट्रोज, खनिज एवं विटामिन, शरीर में पहुंचते ही ऊर्जा देना प्रारंभ कर देते हैं। संतरा ठंडा, तन और मन को प्रसन्नता देने वाला फल है। यह जितना खाने में स्वादिष्ट होता है उतना ही स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है ये तीनो फल विटामिन और ऐसे तत्वों से भरपूर होते हैं जो लीवर में पाए जाने वाले कार्सिनोजन को अपने आप खत्म हो जाने के लिए मजबूर करते हैं. कीनू और उसके छिल्के में फ्लेवनोइड्स और नोबिलेटिन नामक तत्व होते हैं जिसमें कैंसर कोशिकाओं को रोकने की क्षमता है.
टमाटर और तरबूज :  टमाटर स्वादिष्ट होने के साथ पाचक भी होता है। पेट के रोगों में इसका प्रयोग औषधि की तरह किया जा सकता है। टमाटर के सूप से शरीर में स्फूर्ति आती है। पेट भी हल्का रहता है। टमाटर में विटामिन सीहोता है, जो कि इम्युनिटी के स्तर को बढ़ाता है ये लाइकोपीन का समृद्ध स्रोत हैं, जिसे एक बहुत मजबूत एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है. यह सेलुलर क्षति से सुरक्षा प्रदान करता है. एक सप्ताह के दौरान टमाटर को भोजन के दसवें भाग के रूप में खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा लगभग 18 फीसदी कम हो जाता है.
कैंसर से बचने के कुछ अन्ये तरीके :- ज्यादा से ज्यादा पत्तेदार सब्जियाँ, चना और फल खाने की कोशिश करें। सब्जियों और फलों में फाइबर मौजूद होता है जो रोगों से लड़ने की क्षमता रखता है। यह कई प्रकार के कैंसर से लड़ने में मददगार होता है।
खाने का तेल इस्तेमाल करने से पहले यह देख लें कि आप जो तेल खाने जा रहे हैं वह स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद है। ऑलिव ऑयल या फिर कोकोनट ऑयल का इस्तेमाल भोजन पकाने में करें।
शक्कर का सेवन कम-से-कम करें। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि महिलाओं में कोलोरेक्टल कैंसर की सम्भावना शक्कर के सेवन से काफी बढ़ जाती है।  
अपने शरीर के वजन को संतुलित रखें। मोटापे से स्तन कैंसर और मलाशय कैंसर का डर बना रहता है।
धूम्रपान न करें। न किसी प्रकार के नशे का सेवन करें। 
नमक का सेवन संतुलित मात्रा में करें। ज्यादा नमक खाने से पेट का कैंसर हो सकता है।  
सबसे महत्पूर्ण बात कि अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखें। ज्यादा भावुक होना भी कैंसर को न्यौता देना है। आप अगर पौष्टिक आहार ले भी रहे हैं और आप भावनात्मक रूप से कमजोर हैं तो पौष्टिक आहार भी अपना प्रभाव नहीं दिखा पाएगा |


कैंसर का नाम सुनते ही मन में एक डर सा पैदा हो जाता था। वजह, इस बीमारी का बहुत ही कैंसर का नाम सुनते ही मन में एक डर सा पैदा हो जाता था। वजह, इस बीमारी का बहुत ही घातक होना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 33% महिलाओ और 25% पुरुषो को उनके जीवनकाल में कैंसर होने की सम्भावना होती है। कैंसर जैसा घातक रोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हमारे देश में शराब व धूम्रपान की लत की वजह से लोग कैंसर जैसी महामारी के चपेट में बड़ी तेजी से फंसते जा रहे है।घातक होना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 33% महिलाओ और 25% पुरुषो को उनके जीवनकाल में कैंसर होने की सम्भावना होती है। कैंसर जैसा घातक रोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हमारे देश में शराब व धूम्रपान की लत की वजह से लोग कैंसर जैसी महामारी के चपेट में बड़ी तेजी से फंसते जा रहे है।होने की सम्भावना होती है। कैंसर जैसा घातक रोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हमारे देश में शराब व धूम्रपान की लत की वजह से लोग कैंसर जैसी महामारी के चपेट में बड़ी तेजी से फंसते जा रहे है। श्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 33% महिलाओ और 25% पुरुषो को उनके जीवनकाल में कैंसर होने की सम्भावना होती है। कैंसर जैसा घातक रोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। हमारे देश में शराब व धूम्रपान की लत की वजह से लोग कैंसर जैसी महामारी के चपेट में बड़ी तेजी से फंसते जा रहे है।

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