एसिडिटी(गैस) को दूर करने के उपाय,HOME REMEDIES FOR ACIDITY

    एसिडिटी(गैस) को दूर करने के उपाय, HOME REMEDIES FOR ACIDITY


हमारे शरीर में यदि Acid अतिरिक्त बनना शुरू हो जाता है तो यह Problem, Acidity (अम्लपित)  कहलाती है. इसके मुख्य लक्षण पेट और श्वास नली जलन, डकारें आना, भूख कम लगना आदि है. अपच की शिकायत हो जाती है. व्यक्ति अपने सीने तथा गले मे जलन अनुभव करने लगता है. खाना खाने के बाद प्रायः Acidity के लक्षण बढ जाते है। एसिडिटी से देखने में व्यक्ति स्वस्थ लगता है किन्तु उसे बैचनी रहती है. Acidity Problem होने पर शरीर भोजन करने के बाद पेट भारी भारी सा हो जाता है गलत खानपान से भारी जीवनशैली, बार बार चाय पीने की आदत, भोजन का बिगड़ा हुआ रूप, पैक खाना, खट्टे पदार्थो का सेवन आदि के कारण से Acidity की समस्या जन्म ले लेती है

लक्षण :- पेट के ऊपरी भाग में दर्द | भूख ना लगना |

         डकार आना तथा पेट में गैस होना।
कडुवी तथा खट्टी डकारें आना मुंह से दूर्गंध आना, गले मे जलन होना |
चक्कर आना, सिर दर्द ठीक न होना, शरीर मे भारीपन लगना, थकान का अनुभव होना |
पेट का फूलना तथा कब्ज़ बना रहता है |
साँसों की कई बीमारियाँ, जैसे कफ और खांसी भी सीने में जलन की वजह से ही होती है, जिसका मुख्य कारण पेट के एसिड का आपके फेफड़ों तक पहुंचना है।
                                           एसिडिटी  के उपचार
एलोवेरा :- एलोविरा देखने में यह अवश्य अजीब सा पौधा है लेकिन इसके गुणों का कहीं कोई अंत नहीं है। शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।  एलोवेरा एक औषधि के रूप में जानी जाती है। इसका उपयोग हम प्रचीन काल से ही करते आ रहें हैं। क्योंकि यह एक संजीवनी बूटी की तरह कई रोगों के इलाज के लिए उपयोग में लाई जाती है। दिखने में हरा और किनारे की ओर कांटेदार आकृति लिए हुए यह एलोवेरा संजीवनी के नाम से भी जाना जाता है। इसके कई नाम है जैसेग्वारपाठा, धृतकुमारी एलोवेरा के रस मंे कई रासायनिक तत्वों के गुण भी पाए जाते हैं जैसे १८ अमीनो एसिड ,१२ विटामिन और २० खनिज पाए जाते है। इसके अलावा कई अन्य यौगिक तत्व भी इसमें पाए जाते हैं। आपने हमेशा पेट में गैस बनना और खाने के न पचने की समस्यां के बारे में तो सुना ही होगा। हमारे शरीर में पेट संबंधी कोई भी बीमारी हो तो आप 20 ग्राम एलोवेरा के रस में शहद और नींबू मिलाकर सेवन करें। यह पेट की बीमारी को दूर तो करता ही है। साथ ही साथ पाचन शक्ति को भी बढ़ाता है। बहुत से लोगों को पता है कि एलोवेरा एसिडिटी के उपचार में काफी फायदेमंद सिद्ध होता है। अगर आप अपनी एसिडिटी की समस्या का स्थायी उपचार चाहते हैं तो रोज़ाना खाने से पहले एलोवेरा का रस पिए।

पत्ता गोभी का रस  :- आज खुद को स्वस्थ्य रखने के लिए लोग हरी सब्जियों का अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा शामिल कर रहे हैं। पत्ता गोभी उनमें से एक है। अधिकांश घरों में सेवन किया जाने वाला पत्ता गोभी स्वास्थ्य के लिए एक गुणकारी सब्जी है। इसे लोग सब्जी और पकौड़े के रूप में खाते हैं। इसके अलावा इसका इस्तेमाल सलाद के रूप में भी किया जाता है। आयरन, पोटेशियम और सल्फर से भरपूर पत्ता गोभी ब्रेसिका परिवार का एक सदस्य  है जिसे बंद गोभी भी कहा जाता है।  गैस की समस्या से पीड़ित लोग पत्ता गोभी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। यह पेट से जुडी हर प्रकार की समस्या से आपको निजात दिलाता है और अल्सर के इलाज में तो इसे अचूक उपाय समझा जाता है।बंद गोभी काफी आसानी से आपको बाज़ार में मिल जाएगी। एक कटी हुई गोभी को मिक्सर में डालें और इसका रस निकालें। अब एक गाजर को छोटे टुकड़ों में काटें और मिक्सर में डालकर इसका भी रस निकालें। आप या तो हर दिन गाजर का रस पी सकते हैं या फिर गोभी का रस भी प्रयोग में ला सकते हैं।

अदरक :- अदरक में आपको स्वस्थ रखने की जबरदस्त शक्ति होती है। अदरक में बहुत सारे विटामिन्स के साथ-साथ मैग्नीज और कॉपर भी पाए जाते हैं जिनकी शरीर को सुचारु रूप से चलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अदरक कई सारे गुणों की खान है और इसे विभिन्न तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है अगर आपको पाचन संबंधी कोई भी समस्या है, तो समझ लीजिए कि आपकी यह समस्या अब आपको और परेशान नहीं कर पाएगी। अदरक का ज्यूस आपके पेट में पड़े हुए खाने को निकास द्वार की तरफ धकेलता है। अदरक का यह चमत्कारी गुण   आपको न केवल पाचन और गैस बल्कि सभी तरह के पेट दर्द से भी निजात दिलाता है।   यह रसोई में पाए जाने वाले मुख्य पदार्थों में से एक है। अदरक को पीसकर उसका रस निकालें। अब एक नींबू को काटकर उसका रस निकालकर उसे एक छोटे बर्तन में रखें और दोनों को अच्छे से मिला लें। अब इस मिश्रण का सेवन करें। इससे काफी फायदा मिलेगा।

पुदीना (Pudina) :- पुदीना एक छोटा सा पौधा होता है जो अक्सर नमी वाली जगह पर उगता है। इसमें उड़नशील तेल पाया जाताहै, जो पेपरमिंट जैसी सुगंध देता है। इसका वानस्पतिक नाम मेन्था स्पीकेटाहै। वनांचलों में आदिवासी इसका इस्तेमाल कई तरह की स्वास्थ समास्याओं सेछुटकारा पाने के लिए करते हैं। पुदीना पाचन क्रिया को ठीक करता है। यदि किसी कारण से आप पेट में असहज महसूस कर रहे हैं तो, पुदीना से बनी एक कप चाय आपको राहत देगी। पुदीना आपके पेट में बनने वाले एसिड के उत्पादन की प्रक्रिया को धीमा करके हाजमे को दुरुस्त करने में काफी बड़ी भूमिका निभाता है। पेट में हो रहे जलन और दर्द को पुदीने के ठन्डे और आरामदायक प्रभाव के बल पर आसानी से दूर किया जा सकता है।
जीरा  :- आमतौर पर तड़के के लिए इस्तेमाल होने वाला जीरा भारतीय व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाला एक सुगंधित मसाला है. पेट से जुड़ी कई तरह की बीमारियरें करे दूर करने के लिए ये एक कारगर औषधि है. जीरे की तासीर गर्म होती है |हममें से ज्यादातर लोगों को पता भी नहीं होता है कि जीरा एक घरेलू औषधि है जिसे कई छोटी-छोटी बीमारियों में इस्तेमाल कर सकते हैं. जीरा आपके मुंह में थूक का उत्पादन करके आपके हाजमे में मदद करता है। यह शरीर के मेटाबोलिज्म (metabolism) में भी वृद्धि करता है और पेट की समस्याओं से निजात दिलाता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का यह मानना है कि जीरे में एक आराम प्रदान करने वाला गुण होता है, जो आपको सीने में जलन से निजात दिलाता है। थोड़े से पानी में एक चम्मच जीरा मिश्रित करके इसका सेवन करें। एसीडिटी से तुरंत राहत पाने के लिए, एक चुटकी कच्चा जीरा खाने से फायदा मिलता है |
रोजाना एक ग्‍लास दूध पीजिये।
सोने से पहले ये नियम बना लीजिये कि भोजन दोतीन घंटे पहले ही कर लें। एसिडिटी तब भी होती है जब आप भोजन के बीच में अधिक देर का गैप हो जाता है। इसलिये थोड़ीथोड़ी देर पर कुछ ना कुछ खाते रहें। मसालेदार भोजन, चटनी, अचार और सिरका खाने से बचें।

नींबू, चीनी और पानी का घोल लंच करने से पहले पीजिये, इससे आपको परेशानी नहीं उठानी पडे़गी। सहिजन, बीन्‍स, कद्दू, पत्‍ता गोभी, प्‍याज और गाजर जैसी सब्‍जियों को अपने आहार में शामिल करें।

पाइनेपल के जूस का सेवन करें, यह एन्जाइम्स से भरा होता है। खाने के बाद अगर पेट अधिक भरा व भारी महसूस हो रहा है, तो आधा गिलास ताजे पाइनेपल का जूस पीएं। सारी बेचैनी और एसिडिटी खत्म हो जाए

2 thoughts on “एसिडिटी(गैस) को दूर करने के उपाय,HOME REMEDIES FOR ACIDITY

  1. Ayurveda believes unhealthy digestion is responsible for other health problems that bother the human body. Ayurveda provides solutions for our digestive issues through nature for effective long-lasting results. Vigyanveda follows the principle of Ayurveda and believes in providing solutions for common health problems solely based on 100% Ayurvedic formations. Vigyanveda’s Xor Digestive powder is one of the formations from the treasure of Ayurveda to address common digestive issues like weak digestion, gas, acidity and other lifestyle problems related to our digestive health. It is made up of Ayurvedic herbs isabgol, mulethi, bhibhataki, and sonamukhi that are natural digestive health boosters. You can also try Vigyanveda’s Digestive kit if you desire to have a perfect balance between your hectic lifestyle and digestive issues like gas, acidity and constipation. It is formulated for natural ayurvedic ingredients that aid digestive health naturally.

Leave a Reply

Your email address will not be published.